होटल में संदिग्ध अर्बन नक्सल के साथ पकड़ी गई लॉ स्टूडेंट : कॉलेज से निलंबन पर हाई कोर्ट का सख्त रुख

नागपुर में एक लॉ स्टूडेंट को संदिग्ध अर्बन नक्सल रेजाज़ सिद्दिक के साथ होटल में पकड़े जाने के बाद छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया। UAPA के तहत गिरफ्तार रेजाज़ पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप है। हाई कोर्ट ने निलंबन पर राहत देने से इनकार कर दिया। क्या है इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी?

The Narrative World    30-May-2025   
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बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने एक अंतिम वर्ष की विधि की छात्रा के निलंबन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। छात्रा को नागपुर के एक होटल में केरल के अर्बन नक्सल रेजाज़ सिद्दिक के साथ पाया गया था
, जिसे हाल ही में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


यह मामला 8 मई 2025 को सामने आया, जब नागपुर के लकड़गंज पुलिस ने रेजाज़ सिद्दिक को UAPA की धारा 38 (प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना) और धारा 39 (प्रतिबंधित संगठन को समर्थन देना) के तहत गिरफ्तार किया। रेजाज़, जो केरल में एक छात्र कार्यकर्ता और स्वतंत्र पत्रकार के भेष में काम कर रहा था, पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, दंगे भड़काने, आपराधिक धमकी देने, और सार्वजनिक शरारत फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।


गिरफ्तारी के समय उनके साथ एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज की अंतिम वर्ष की छात्रा भी थी, जिसके बाद कॉलेज ने उसे 10 मई को सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया। छात्रा ने अपने निलंबन के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।


अब छात्रा को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है, वहीं छात्रा की निलंबन के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में दायर रिट याचिका को मंगलवार को वापस ले लिया गया, क्योंकि जस्टिस प्रवीण पाटिल ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।


छात्रा ने, अपने वकील के माध्यम से, निलंबन को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उसने तर्क दिया कि निलंबन से उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई और विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया। लेकिन विश्वविद्यालय के वकील ने दावा किया कि कैंपस डिसिप्लिनरी कमेटी ने निष्पक्ष जाँच की और प्रक्रियात्मक सुरक्षा का पालन किया। कमेटी ने 22 मई को जाँच पूरी की और अगले दिन छात्रा को सूचित कर दिया।


जस्टिस प्रवीण पाटिल ने कहा, "चूंकि याचिकाकर्ता ने वैधानिक अपील का रास्ता चुना है, इसलिए रिट याचिका को वापस लेने की अनुमति दी जाती है, ताकि वह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सके।" कोर्ट ने यह भी माना कि निलंबन एक प्रशासनिक कदम था, और जाँच लंबित होने तक यह उचित था।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेजाज़ सिद्दिक पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संबंध होने का भी संदेह है। उनकी फोन कॉल रिकॉर्ड्स की फोरेंसिक जाँच चल रही है। महाराष्ट्र पुलिस ने केरल ATS की मदद से कोच्चि में रेजाज़ के घर पर भी तलाशी ली थी। रेजाज़ ने पहले "ऑपरेशन सिंदूर" पर सोशल मीडिया पोस्ट किया था, जिसके बाद पुलिस का ध्यान उन पर गया। लकड़गंज पुलिस ने छात्रा को राहत देने का विरोध किया और कहा कि उसकी मौजूदगी संदिग्ध है।