दंतेवाड़ा में माओवाद को करारा झटका: 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और पुनर्वास नीति के चलते दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा।

The Narrative World    09-Jan-2026
Total Views |
Representative Image
 
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में शुक्रवार को 63 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 36 पर 1.19 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था।
 
दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों की सख्ती और सरकार की पुनर्वास नीति ने माओवादियों की कमर तोड़ दी। शुक्रवार को 63 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में 18 महिलाएं भी शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि सभी नक्सलियों ने पूना मार्गम पहल के तहत मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
 
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर और माड़ डिवीजन में सक्रिय रहे। ये नक्सली ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में भी हिंसक गतिविधियों को अंजाम देते रहे। लंबे समय से चल रहे नक्सली आतंक, जबरन वसूली और ग्रामीणों पर अत्याचार से क्षेत्र त्रस्त रहा, लेकिन सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई ने माओवादियों को घुटनों पर ला दिया।
 
 
इन 63 नक्सलियों में 36 पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित रहा। पुलिस ने बताया कि सात नक्सलियों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। इनमें कुख्यात नक्सली पाकलू उर्फ प्रदीप ओयाम, मोहन उर्फ आजाद कड़ती और सुमित्रा उर्फ द्रौपती चापा जैसे नाम शामिल रहे। इनके अलावा सात नक्सलियों पर पांच-पांच लाख, आठ पर दो-दो लाख, 11 पर एक-एक लाख और तीन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित रहा।
 
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए मजबूर किया। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार उन्हें कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास की सुविधा भी देगी।
 
 
इससे पहले 7 जनवरी को सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक नक्सलियों ने हथियार छोड़े। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण माओवाद के कमजोर पड़ने और सुरक्षा बलों की निर्णायक जीत का संकेत दे रहे हैं।
 
रिपोर्ट
शोमेन चंद्र