ओडिशा पुलिस ने जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच पांच नक्सल प्रभावित जिलों में 2700 करोड़ रुपये की अवैध गांजा जब्त या नष्ट कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने शनिवार को जानकारी देते हुए
बताया कि महज 14 महीनों में यह बड़ी सफलता मिली। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार अवैध गांजा खेती और तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
DGP ने साफ कहा कि बौध, कंधमाल, मलकानगिरी, कोरापुट और गजपति जैसे जिले पहले नक्सलियों के गढ़ रहे हैं। इन्हीं इलाकों में माओवादियों ने अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए गांजा की खेती शुरू करवाई थी। पुलिस ने इन क्षेत्रों को निशाना बनाकर अभियान तेज किया और अब जमीन पर इसका असर साफ दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि लगातार कार्रवाई के चलते इन जिलों में गांजा की खेती तेजी से घट रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर सटीक अभियान चलाए, जिससे माओवादियों की अवैध कमाई पर सीधा प्रहार हुआ।
खुरानिया ने पहले ही बलांगीर और बरगढ़ जिलों को नक्सल मुक्त घोषित किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक चलाए गए संयुक्त अभियानों, केंद्रीय और राज्य बलों के बेहतर तालमेल और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह सफलता मिली।
DGP ने पुलिस बल के साहस, संयम और समर्पण की सराहना की और सभी अधिकारियों व जवानों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने जनता के विश्वास और सहयोग के लिए आभार जताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अन्य प्रभावित इलाकों में भी इसी तरह के अभियान तेज किए जाएंगे, ताकि
माओवाद और उसकी हिंसक विचारधारा को जड़ से खत्म किया जा सके।
रिपोर्ट
शोमेन चंद्र