पश्चिम बंगाल में डर का माहौल, सर्वे करने पर टीम को जेल भेजती है ममता सरकार: प्रदीप गुप्ता

प्रदीप गुप्ता के खुलासे के बाद TMC की कार्यशैली पर सवाल, क्या बंगाल में डर के सहारे राजनीति चल रही है?

The Narrative World    02-May-2026
Total Views |
Representative Image
 
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बैनर्जी की सरकार पर एक बार फिर डर की राजनीति करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मशहूर चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने खुलासा किया है कि उनकी कंपनी 'Axis My India' की टीम को केवल सर्वे करने के कारण जेल भेज दिया गया।
 
प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनकी टीम पिछले चार महीनों से गैर राजनीतिक सर्वे कर रही थी। इसके बावजूद राज्य की पुलिस ने उनके कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने साफ कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है। उन्होंने यह मुद्दा कलकत्ता हाईकोर्ट में उठाया, जहां अदालत ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया। गुप्ता के अनुसार, उनकी टीम के सदस्यों को 21 दिन तक जेल में रहना पड़ा।
 
इस घटना ने राज्य में बढ़ते भय के माहौल को सामने लाकर रख दिया है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग खुलकर बात करने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि 70 से 80 प्रतिशत लोग सर्वे के दौरान जवाब देने से बचते हैं। लोग कैमरा देखते ही पीछे हट जाते हैं क्योंकि उन्हें परेशानी का डर सताता है।
 
 
इसी डर के माहौल के कारण 'Axis My India' ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल जारी नहीं करने का फैसला लिया है। गुप्ता ने कहा कि जब लोग खुलकर अपनी राय नहीं दे सकते, तब सर्वे की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
 
 
यह पूरा मामला तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि TMC सत्ता में बने रहने के लिए भय का माहौल तैयार करती है। अब प्रदीप गुप्ता के खुलासे ने इन आरोपों को और मजबूत कर दिया है।
 
 
स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र दबाव में दिखाई दे रहा है। जब सर्वे करने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं, तब आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
 
रिपोर्ट
शोमेन चंद्र