केरलम में ईसाई मिशनरी ताकतों का काला सच

चर्च के अंदर बच्चों के भरोसे का कत्ल करने वाले इन अपराधियों को सजा दिलाने और इस घिनौने मिशनरी नेटवर्क को तोड़ने का क्या उपाय है?

The Narrative World    03-Jul-2026   
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केरलम से एक चौंकाने वाली तस्वीर दुनिया के सामने आ रही है। ईसाई मिशनरी और उनसे जुड़े लोग मासूम बच्चों का क्रूरता से यौन शोषण कर रहे हैं। ईसाई समाज इन पादरियों को भगवान का दूत मानता है। आम माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और सही मार्गदर्शन के लिए इन चर्चों में भेजते हैं। लेकिन ये तथाकथित धर्मगुरु मासूम बच्चों के भरोसे का बेरहमी से कत्ल कर रहे हैं।
 
हाल ही में सामने आई कई घटनाएं इन मिशनरी ताकतों के घिनौने और असली चेहरे को बेनकाब करती हैं। पादरी और प्रीस्ट ब्लैकमेल, शारीरिक शोषण और बाल यौन अपराधों को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं। रिलिजन की आड़ में ये अपराधी ऐसा कर रहे हैं। आइए केरलम की इन दस प्रमुख घटनाओं पर विस्तार से नजर डालते हैं जो इन ताकतों की काली करतूतों की पुख्ता गवाही देती हैं।
 
1. पथानामथिट्टा में 17 वर्षीय किशोर का शोषण
 
अणक्कारा निवासी एक 17 वर्षीय किशोर ने एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के तीन कर्मचारियों पर गंभीर उत्पीड़न का सीधा आरोप लगाया। इस मामले में मुख्य आरोपी पादरी बीनू वझामुट्टम है। शुरुआती जांच में पुलिस ने यह भी पाया कि अन्य मासूम बच्चों ने भी इस पूजा केंद्र में भारी दुर्व्यवहार का सामना किया है। कट्टाप्पना पुलिस ने 17 जून 2026 को तुरंत मामला दर्ज किया और बाल कल्याण समिति ने अपनी जांच शुरू कर दी।
 
2. कासरगोड में कैथोलिक पादरी ने किया नाबालिग का रेप
 
अथिरुमावु के सेंट पॉल्स चर्च के पादरी फादर पॉल थट्टूपुरम्बिल ने एक 16 वर्षीय लड़के का लगातार यौन उत्पीड़न किया। आरोपी पादरी ने मई से अगस्त 2024 के बीच वारदात को अंजाम दिया। शिकायत दर्ज होने पर आरोपी छिप गया। पुलिस ने तीन विशेष जांच टीमें बनाईं। आखिरकार 26 जुलाई 2025 को फादर पॉल ने कासरगोड कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
 
3. एर्नाकुलम में बच्चे का शोषण, पादरी को 55 साल की जेल
 
मामलक्कंडम के 54 वर्षीय पादरी वट्टमट्टमचिरैल मणि ने एक 11 साल के बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाया। पादरी ने नए साल की प्रार्थना के दौरान आशीर्वाद देने के बहाने बच्चे का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने शिकायत मिलने पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की। मुवत्तुपुझा की पॉक्सो अदालत ने 11 मई 2024 को मणि को 55 साल की जेल की सजा सुनाई।
 
4. तिरुवनंतपुरम में अनाथ बच्चे से दरिंदगी
 
कट्टाकडा में 59 वर्षीय पेंटेकोस्टल चर्च के पादरी रवींद्रनाथ ने एक बेसहारा 13 वर्षीय लड़के को नहीं बख्शा। 17 जनवरी 2024 को पादरी ने बच्चे को लालच देकर बुलाया। उसने पहले टैबलेट पर अश्लील सामग्री दिखाई और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया। कट्टाकडा पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
 
5. विझिंजम में बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य
 
तिरुवनंतपुरम के विझिंजम इलाके में एक स्थानीय पादरी ने 26 जून 2023 की शाम एक 10 साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। इस हमले ने बच्चे को शारीरिक रूप से बहुत बीमार कर दिया। माता-पिता ने सच्चाई जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। विझिंजम पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
 
6. कोच्चि में नाबालिग से रेप, पूर्व टीचर को उम्रकैद
 
स्थानीय चर्च के पूर्व कैटेचिज्म टीचर मोनसन मावुंकल ने एक 17 वर्षीय लड़की का जीवन पूरी तरह बर्बाद कर दिया। उसने लड़की को उच्च शिक्षा का झूठा झांसा दिया और 2019 से कई बार बलात्कार किया। पुलिस ने गहन जांच के बाद यौन शोषण का खुलासा किया। 17 जून 2023 को कोच्चि की पॉक्सो अदालत ने मावुंकल को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
 
7. मुवत्तुपुझा में 15 वर्षीय लड़की से छेड़छाड़
 
ईस्टर समारोह के दौरान मुवत्तुपुझा के एक चर्च में 77 वर्षीय पादरी शेमावून रम्बा ने एक 15 साल की लड़की से बुरी नीयत से छेड़छाड़ की। 3 अप्रैल 2023 को उसने चर्च के अंदर इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत त्वरित मामला दर्ज किया और 21 अप्रैल को पादरी को गिरफ्तार कर लिया।
 
8. वरापुझा में नाबालिग लड़के का यौन उत्पीड़न
 
एर्नाकुलम के एडम्पदम में सेंट थॉमस चर्च के 63 वर्षीय पादरी फादर जोसेफ कोडियन ने भी धार्मिक आस्था को कलंकित किया। 11 अगस्त 2022 को एक नाबालिग लड़का पादरी के घर पर खाना देने गया था, तभी जोसेफ ने उसका यौन उत्पीड़न किया। एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने माता-पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की और आरोपी पादरी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
 
9. कोल्लम में चार छात्रों का यौन शोषण
 
पुल्लामाला स्थित होली क्रॉस सेमिनरी में फादर थॉमस परक्कुलम ने गुरु और शिष्य की पवित्र परंपरा को तार-तार कर दिया। 35 वर्षीय थॉमस ने 2016 में चार 16 वर्षीय सेमिनरी छात्रों का बार-बार यौन उत्पीड़न किया। पुथुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। 30 अप्रैल 2022 को कोल्लम की अदालत ने थॉमस को दोषी मानते हुए 18 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
 
10. पथानामथिट्टा में 17 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न
 
कूडल ऑर्थोडॉक्स चर्च के 35 वर्षीय पादरी फादर पोंडसन जॉन ने एक 17 वर्षीय लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। माता-पिता ने लड़की को काउंसलिंग के लिए पादरी के पास छोड़ा था। पादरी ने 12 और 13 मार्च 2022 को अलग-अलग स्थानों पर लड़की के साथ बदसलूकी की। पथानामथिट्टा महिला पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी पादरी को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया।
 
 
ये सभी खौफनाक घटनाएं साफ दर्शाती हैं कि केरलम में ईसाई मिशनरी ताकतों का एक बेहद खतरनाक तंत्र काम कर रहा है। रिलिजन के नाम पर पादरी मासूम बच्चों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। असलियत में ये लोग भेड़ की खाल में छिपे खूंखार भेड़िए हैं।