श्री अमरनाथ यात्रा के बीच शोपियां में पांच दिन तक चले अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने 8 जुलाई को लश्कर-ए-तैयबा के A++ आतंकी जाकिर गनई को मार गिराया, जबकि दूसरे आतंकी की तलाश जारी है।
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने बुधवार सुबह बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के A++ श्रेणी के आतंकी जाकिर गनई को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने लगातार पांच दिन तक कड़ी निगरानी, घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान आतंकियों ने फायरिंग की, लेकिन सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जाकिर को ढेर कर दिया। अब उसके साथ मौजूद दूसरे आतंकी लतीफ भट्ट की तलाश तेज कर दी गई है।
सुरक्षाबलों ने 3 जुलाई को निगरानी कैमरों में दो आतंकियों की गतिविधियां दर्ज की थीं। कैमरों में दोनों आतंकी दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के एक घने सेब के बाग में घूमते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस, सेना और CRPF ने पूरे इलाके को घेर लिया। हरे-भरे बाग और घनी वनस्पति ने आतंकियों को छिपने का मौका दिया, लेकिन सुरक्षाबलों ने धैर्य और सतर्कता बनाए रखी।
अभियान के दौरान जवानों ने लगातार रात में भी निगरानी जारी रखी ताकि आतंकी घेरा तोड़कर भाग न सकें। सुरक्षाबलों ने पर्याप्त गोला-बारूद और अन्य जरूरी संसाधनों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की। इससे पहले कई अभियानों में आतंकी घनी वनस्पति और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर बच निकलते रहे थे, लेकिन इस बार सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसी कोई चूक नहीं होने दी।
बुधवार सुबह जब संयुक्त टीम तलाशी अभियान को और आगे बढ़ा रही थी, तभी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाब दिया और मुठभेड़ में जाकिर गनई को मार गिराया। सुरक्षा एजेंसियों ने उसका शव भी बरामद कर लिया। एजेंसियों ने जाकिर को A++ श्रेणी का आतंकी घोषित किया था और वह लंबे समय से वांछित था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जाकिर गनई वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहा था। उसके साथ मौजूद लतीफ भट्ट ने पिछले वर्ष आतंकी संगठन का साथ पकड़ा था। दोनों कुलगाम जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। सुरक्षाबलों ने लतीफ को पकड़ने या मार गिराने के लिए कम से कम सात गांवों के आसपास तलाशी अभियान जारी रखा है।
संयुक्त अभियान में सेना की विक्टर फोर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवान शामिल हैं। जवानों ने सभी संभावित निकासी मार्गों पर कड़ी निगरानी लगा रखी है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था भी की ताकि रात के समय भी आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
श्री अमरनाथ यात्रा के चलते जम्मू-कश्मीर में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। केंद्र शासित प्रदेश के अधिकांश जिलों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सेना प्रमुख और पुलिस महानिदेशक समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। इसी वजह से आतंकियों के लिए किसी भी इलाके में सक्रिय रहना पहले की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल हो गया है।
शोपियां लंबे समय से दक्षिण कश्मीर का संवेदनशील इलाका माना जाता रहा है। यह क्षेत्र दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला अहम मार्ग भी है। मुगल रोड शोपियां से होकर पीर की गली और आगे पुंछ तक जाती है। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि इसी रणनीतिक महत्व के कारण आतंकी संगठन इस इलाके का इस्तेमाल आवाजाही और छिपने के लिए करने की कोशिश करते रहे हैं। हालांकि सुरक्षाबलों के लगातार अभियान आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर कर रहे हैं और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को मजबूती दे रहे हैं।