पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने डरावना चेहरा दिखाया है। नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने सीधे तौर पर TMC पर राजनीतिक आतंक फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना के तरीके ने साफ कर दिया कि हमलावरों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
बुधवार रात करीब 10:30 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से स्कॉर्पियो में अपने घर लौट रहे थे। वह ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे थे। उनके साथ ड्राइवर बुद्धदेब बेरा और एक अन्य व्यक्ति मौजूद था। तभी डोलतला और मध्यमग्राम के बीच एक कार ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। इसके तुरंत बाद बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार हमलावर वहां पहुंचा और स्कॉर्पियो की बाईं तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
हमलावर ने 6 से 10 राउंड गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ रथ को 4 गोलियां लगीं। इनमें दो गोलियां उनके सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गईं, जबकि एक गोली पेट में लगी। ड्राइवर बुद्धदेब बेरा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोग तुरंत दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया।
फोरेंसिक जांच के शुरुआती इनपुट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया। इस तरह के हथियार आम अपराधियों के पास नहीं मिलते। पुलिस को घटनास्थल से जिस कार का पता चला, उसका नंबर प्लेट भी फर्जी निकला। वहीं, बाइक पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और हमलावर हेलमेट पहनकर आया था। इन तथ्यों ने साफ संकेत दिया कि शूटर ने पूरी तैयारी और पेशेवर अंदाज में हत्या को अंजाम दिया।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को "कोल्ड ब्लडेड मर्डर" बताया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने 2-3 दिनों तक चंद्रनाथ रथ की रेकी की थी। अधिकारी ने कहा कि बंगाल में पिछले 15 सालों में TMC ने "महाजंगलराज" खड़ा कर दिया है, जहां राजनीतिक विरोधियों को डराने और खत्म करने की राजनीति चल रही है।
घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा दिखा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि पहले पार्टी नेताओं पर हमले हुए और अब विपक्ष के नेता के करीबी सहयोगी की हत्या कर दी गई। पार्टी ने इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बताया।
चौंकाने वाली बात यह रही कि चंद्रनाथ रथ पर फायरिंग के करीब एक घंटे बाद बशीरहाट जिले में भाजपा कार्यकर्ता रोहित रॉय पर भी हमला हुआ। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद अब तक राज्य में 5 लोगों की हत्या हो चुकी है। इनमें 3 भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। लगातार बढ़ती हिंसा ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वह किसी की फांसी नहीं चाहतीं, लेकिन अपराधियों को उम्रकैद जरूर मिलनी चाहिए। वहीं, उनके छोटे भाई देव कुमार ने इस हत्या को साजिश करार देते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
बंगाल में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं रही, लेकिन जिस तरह खुलेआम गोलीबारी और पेशेवर हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है, उसने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि TMC सरकार राजनीतिक हिंसा रोकने में पूरी तरह विफल रही है। अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर बंगाल में लोकतंत्र बचेगा या राजनीतिक आतंक ही नई पहचान बन जाएगा।
लेख
शोमेन चंद्र