16वीं शताब्दी में Jesuits केवल एक धार्मिक संगठन नहीं थे, बल्कि चर्च की सबसे अनुशासित और प्रभावशाली “वैचारिक सेना” बन चुके थे। गोवा उनके लिए केवल मिशन का केंद्र नहीं, बल्कि एक civilisational experiment था, जहाँ शिक्षा, धर्मांतरण, सत्ता और सांस्कृतिक ..